"लंबे समय से वैज्ञानिक सोच को खत्म करने की तैयारी की जा रही थी, जिसने मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद एकाएक जोर पकड़ ली. पिछले अनेक वर्षों से आरएसएस व बीजेपी के ने गौमूत्र और गोबर को सबसे बेहतर कीटाणुनाशक पेय व दवा के रूप में प्रचारित किया, लेकिन देश के वैज्ञानिक समुदाय ने किसी तरह का विरोध नहीं दर्ज कराया. परिणाम यह हुआ कि कोरोना के समय हिन्दू महासभा और बीजेपी के कई नेताओं ने गौमूत्र सेवन को कोरोना से लड़ने वाली दवा के रूप में सार्वजनिक रूप से पेश करना शुरू कर दिया. फिर भी सरकार के प्रमुख या वैज्ञानिकों ने इसका प्रतिरोध नहीं किया".
गौमूत्र और गोबर